DAP (Diammonium Phosphate), SSP

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आप अपने खेतों में DAP और SSP का इस्तेमाल तो करते ही होंगे तो कि आपको पता है कि डीएपी और एसएसपी में क्या अंतर है और कैसे काम करते हैं और क्या है इनके हानि और लाभ तो चलिए आज हम इसी के बारे में बात करेंगे

DAP (Diammonium Phosphate)

यह किसी भी फसल के लिए फास्फोरस प्रदान करने का एक अच्छा स्रोत है जो पौधों का विकास और वृद्धि करने में मदद करता है

नाइट्रोजन = 11-18%

फास्फोरस = 40 – 53 %

डीएपी पानी में पूर्णता घुल जाती है डीएपी की यह विशेषता है कि वह क्षारीय होती है डीएपी को या किसी भी उर्वरक को डालने से पहले मिट्टी की जांच करनी चाहिए

जिससे पता चल जाए कि किन पोषक तत्वों की कमी है और मिट्टी का Ph कितना है DAP मिट्टी के Ph को कुछ समय के लिए बढ़ा देती है और जब यह पूर्णता घुल जाती है DAP में अमोनिया होने के कारण मिट्टी पहले से ज्यादा अम्लीय हो जाती है|

क्या आपको पता है|डीएपी का उपयोग अग्निरोधी(fire retardant) के रूप में किया जा सकता है। यह जल रही वस्तु के तापमान को कम करता है| यह कुछ लोकप्रिय व्यावसायिक अग्निशमन उत्त्पादो में भी प्रयोग किया जाता है

SSP (single super phosphate)

SSP बनाने की प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से सल्फ्यूरिक एसिड के साथ फॉस्फेट रॉक को प्रतिक्रिया करके उत्पन्न होता है। SSP एक बहू पोषक उर्वरक है | SSP को हम आधारी उर्वरक के रूप में हम खेतों में लगा सकते हैं कि यह पौधे की वृद्धि पर जबरदस्त प्रभाव डालता है और कीट और बीमारियों से सुरक्षा में भी सहायता करता है

फास्फोरस = 14.5%

सल्फर = 11%

कैल्शियम = 21%

जिंक = 1%

नाईट्रोजन = 0%

  • SSP मिट्टी के भौतिक गुण और रासायनिक गुणों में सुधार करने में मदद करती है
  • 2.SSP छोटे और सीमांत किसानों के लिए सस्ते दरों पर उपलब्ध है
  • 3. SSP एसएसपी सख्त दानेदार काला भूरा यह पानी में आसानी से नहीं घुलता है

प्रयोग

अगर आप SSP का प्रयोग कर रहे हैं तो इसका प्रयोग तीन गुना कीजिए क्योंकि प्रत्येक तत्व की मात्रा तब में वृद्धि हो जाएगी और SSP का उपयोग करते समय आप इसमें यूरिया भी मिला लें जिससे नाइट्रोजन की मात्रा भी मिट्टी को मिल जाएगी

अगर आप DAP का प्रयोग कर रहे हैं तो डीएपी में कैल्शियम और सल्फर को मिला लें जिससे मिट्टी के लिए प्रत्येक तत्व की पूर्ति हो जाएगी | लेकिन यह थोड़ा महंगा पड़ता है

अगर आप SSP का प्रयोग कर रहे हैं तो| SSPक्योंकी यह कम घुलनशील रहने के कारण मिटटी में घुलने में ज्यादा समय लेता है इसका प्रयोग हमेश जुताई के समय कराना चाहिए

DAP का प्रयोग फसल में निराई तथा सब्जी में मिट्टी चढाते समय करें |

DAP खाद SSP खाद के अपेक्षा जल्दी घुलनशील है | जिसके कारण इस खाद को बुआई से पहले उपयोग नहीं करें क्योंकी खाद तो घुलकर मिट्टी में मिल जायेगी जिससे पौधों को फायदा नहीं होगा

यह भी पढ़ें :- सिंचाई के तरीके

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